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बचपन में सà¤à¥€ शिशॠबिसà¥à¤¤à¤° में पेशाब कर देते हैं और à¤à¤¸à¤¾ होना आम है। वहीं, कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ पांच-छह वरà¥à¤· के हो जाने पर à¤à¥€ बिसà¥à¤¤à¤° गीला कर देते हैं। अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ कर रहा है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। बेशक, इस मामले को गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से लेने की जरूरत है, लेकिन à¤à¤¸à¤¾ नहीं है कि इसका इलाज नहीं हो सकता। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने की समसà¥à¤¯à¤¾ पर ही विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से चरà¥à¤šà¤¾ करेंगे। इस लेख में आप बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की इस समसà¥à¤¯à¤¾ के कारण, निदान और इलाज के बारे में अचà¥à¤›à¥€ तरह समठपाà¤à¤‚गे।
आइà¤, सबसे पहले आपको यह समà¤à¤¾à¤à¤‚ कि बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने का मतलब कà¥à¤¯à¤¾ है।
बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने का मतलब कà¥à¤¯à¤¾ है?
बचà¥à¤šà¤¾ होश में तो अपने पेशाब पर नियंतà¥à¤°à¤£ रख पाता है, लेकिन नींद में नियंतà¥à¤°à¤£ नहीं रख पाते। à¤à¤¸à¤¾ जब पांच साल से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‡ के साथ होता है, तो उसे बिसà¥à¤¤à¤° गीला करना (nocturnal enuresis) कहते हैं। à¤à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, पांच साल से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° के लगà¤à¤— 20 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ नींद में पेशाब करने की बीमारी से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होते हैं। 10 वरà¥à¤· से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° के 5 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ और 18 वरà¥à¤· से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° के 1-2 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ बेड वेटिंग से पीड़ित होते हैं (1)।
लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में जानिठकि ये कितना आम है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में बिसà¥à¤¤à¤° गीला करना कितना आम है?
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में लगà¤à¤— 7.61-16.3 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ (5 से 12 साल की उमà¥à¤° तक) नींद में पेशाब करने की समसà¥à¤¯à¤¾ से पीड़ित हैं। इसमें जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° बचà¥à¤šà¥‡ पांच से आठसाल तक की उमà¥à¤° के हैं और यह समसà¥à¤¯à¤¾ लड़कियों के मà¥à¤•ाबले लड़कों में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पाई जाती है (2)।
आगे जानिठकि बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने के कितने पà¥à¤°à¤•ार होते हैं।
बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने के पà¥à¤°à¤•ार
बेड वेटिंग की समसà¥à¤¯à¤¾ को दो à¤à¤¾à¤—ों में बांटा जा सकता है, जो इस पà¥à¤°à¤•ार है (3):
पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ बेड वेटिंग (Primary nocturnal enuresis) : जब बचà¥à¤šà¤¾ बचपन से ही बिसà¥à¤¤à¤° गीला करता आया हो और पांच वरà¥à¤· का होने के बाद à¤à¥€ यह जारी रहे, तो इसे पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ बेड वेटिंग कहा जाता है।
सेकंडरी बेड वेटिंग (Secondary nocturnal enuresis) : इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बचà¥à¤šà¤¾ लगà¤à¤— छह महीनों के लिठबिसà¥à¤¤à¤° गीला करना बंद कर देता है, लेकिन उसके बाद यह समसà¥à¤¯à¤¾ फिर शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है।
अगर आप à¤à¥€ यह सोचते हैं कि आपका बचà¥à¤šà¤¾ बिसà¥à¤¤à¤° गीला कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करता है, तो लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में इसका जवाब है। पहले जानिठपà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ बेड वेटिंग के कारण।
पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ बेड वेटिंग के कारण
नींद में बिसà¥à¤¤à¤° गीला करना बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की कोई शरारत या आलस नहीं है, बलà¥à¤•ि इस समसà¥à¤¯à¤¾ के पीछे कà¥à¤› कारण हो सकते हैं, जो इस पà¥à¤°à¤•ार हैं (1):
मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ : कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ बहà¥à¤¤ छोटा होता है, जिस कारण वो पेशाब की जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ पर नियंतà¥à¤°à¤£ नहीं रख पाते। à¤à¤¸à¥‡ में तरल पदारà¥à¤¥ का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेवन करने से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर दबाव बन सकता है और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मूतà¥à¤°à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ हो सकता है। इसके अलावा, कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर नियंतà¥à¤°à¤£ रखना सीखने में à¤à¥€ समय लगता है।
à¤à¤‚टीडाइयूरेटिक हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ : ये हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ शरीर में पेशाब पर नियंतà¥à¤°à¤£ रखते हैं (4)। इनकी कमी से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अकà¥à¤¸à¤° बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने की समसà¥à¤¯à¤¾ आ सकती है।
गहरी नींद : कई बार गहरी नींद की वजह से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर दबाव महसूस नहीं होता और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बाथरूम जाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता महसूस नहीं हो पाती। यह à¤à¥€ à¤à¤• कारण हो सकता है कि बचà¥à¤šà¥‡ बिसà¥à¤¤à¤° गीला कर देते हैं।
पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ बेड वेटिंग के कारण जानने के बाद, आइठआपको बताà¤à¤‚ कि सेकंडरी बेड वेटिंग के कारण कà¥à¤¯à¤¾ हो सकते हैं।
सेकंडरी बेड वेटिंग के कारण
सेकंडरी बेड वेटिंग के कारण पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ बेड वेटिंग के कारणों से कà¥à¤› अलग हो सकते हैं, जैसे (1) (5):
यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ संकà¥à¤°à¤®à¤£
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹
किडनी की समसà¥à¤¯à¤¾
सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से पीड़ित (6)
कबà¥à¤œ के कारण
पिनवरà¥à¤® के कारण
बà¥à¤¾ हà¥à¤† थाइराइड हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨
नींद में पेशाब करने की बीमारी के पीछे कà¥à¤› जोखिम कारक à¤à¥€ हो सकते हैं, जिनके बारे में हम लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में आपको बताà¤à¤‚गे।
बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने के जोखिम कारक
बेड वेटिंग की समसà¥à¤¯à¤¾ के पीछे निमà¥à¤¨ जोखिम कारक हो सकते हैं (1) (7):
अगर बचà¥à¤šà¥‡ के माता-पिता या दोनों में से कोई à¤à¤• बेड वेटिंग की समसà¥à¤¯à¤¾ से पीड़ित रहा हो।
लड़कियों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में यह समसà¥à¤¯à¤¾ लड़कों को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है।
पांच से आठसाल की उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में यह समसà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है।
कमजोर आरà¥à¤¥à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में रहना।
à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• या मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• कारक से पीड़ित जैसे सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ या अवसाद।
किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की पारिवारिक की समसà¥à¤¯à¤¾à¥¤
सिरà¥à¤« बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने से बेड वेटिंग की समसà¥à¤¯à¤¾ का निदान नहीं होता। इसके लिठमेडिकल चेकअप की जरूरत होती है, जिसके बारे में हम लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में बता रहे हैं। आगे जानते हैं कि बेड वेटिंग का निदान किस पà¥à¤°à¤•ार किया जा सकता है।
बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने का निदान
आपका बचà¥à¤šà¤¾ बिसà¥à¤¤à¤° गीला कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करता है, इसके पीछे मौजूद कारणों का पता निदान की मदद से लगाया जा सकता है। इसके लिठनिमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की जाती हैं (8):
मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ डायरी : इसमें आपको यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी है कि आपका बचà¥à¤šà¤¾ पानी या अनà¥à¤¯ पेय पदारà¥à¤¥ का कितना सेवन करता है और बाथरूम का उपयोग कितनी बार करता है। इसके अलावा, आपको यह à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी है कि महीने में बचà¥à¤šà¤¾ कितनी बार बिसà¥à¤¤à¤° गीला करता है। सही निदान के लिठआपको बचà¥à¤šà¥‡ से जà¥à¥œà¥€ यह पूरी जानकारी डॉकà¥à¤Ÿà¤° को देनी होगी।
यूरिन टेसà¥à¤Ÿ : डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके बचà¥à¤šà¥‡ की पेशाब की जांच कर सकते हैं। इस जांच से पेशाब में मौजूद बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ या संकà¥à¤°à¤®à¤£ के बारे में पता लगाया जा सकता है। पेशाब में सफेद रकà¥à¤¤ कोशिकाओं और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का होना यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ संकà¥à¤°à¤®à¤£ का à¤à¤• लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है।
अनà¥à¤¯ सà¥à¤•ैन : डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके बचà¥à¤šà¥‡ के कà¥à¤› और सà¥à¤•ैन à¤à¥€ कर सकते हैं, जैसे – अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड, à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ (MRI), यूरोडायनामिक टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग (Urodynamic testing)। इन सà¥à¤•ैन की मदद से बचà¥à¤šà¥‡ में मौजूद किसी जनà¥à¤® दोष या यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ में किसी बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज के बारे में पता लगाया जा सकता है। इन सà¥à¤•ैन से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ के आकार, कमजोर मांसपेशियों और मांसपेशियों की गतिविधियों के बारे में पता लगाया जा सकता है।
आगे जानिठकि अगर समय रहते नींद में पेशाब करने की बीमारी के कारण किस पà¥à¤°à¤•ार की जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है।
बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने की जटिलताà¤à¤‚
हालांकि, बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने की वजह से किसी गंà¤à¥€à¤° शारीरिक जटिलताओं का सामना नहीं करता पड़ता, लेकिन नीचे बताई गई कà¥à¤› समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ आपके सामने जरूर आ सकती हैं (9):
सà¥à¤•िन रैशेज : रात à¤à¤° गीले बिसà¥à¤¤à¤° के समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• में रहने की वजह से बचà¥à¤šà¥‡ के गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾à¤‚ग और उसके आसपास रैशेज हो सकते हैं। à¤à¤¸à¤¾ उन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ à¤à¥€ हो सकता है, जो रात à¤à¤° डायपर पहन कर सोते हैं।
मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• जटिलताà¤à¤‚ : बचà¥à¤šà¥‡ के मन में बार-बार बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने को लेकर शरà¥à¤®à¤¿à¤‚दगी का à¤à¤¾à¤µ पैदा हो सकता है। इस वजह से उनके आतà¥à¤®à¤¸à¤®à¥à¤®à¤¾à¤¨ में कमी आ सकती है।
आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ की कमी : पेशाब पर नियंतà¥à¤°à¤£ न रख पाने की वजह से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पास से अकà¥à¤¸à¤° पेशाब की बदबू आने लगती है। इस वजह से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लोगों के बीच उठने-बैठने में आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ की कमी होने लगती है।
लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में जानिठबिसà¥à¤¤à¤° गीला करने से बचाव।
बेड वेटिंग की समसà¥à¤¯à¤¾ होने से रोकने या बचाव के टिपà¥à¤¸ | Bistar Gila Na Karne Ke Upay
बेड वेटिंग की समसà¥à¤¯à¤¾ से अपने बचà¥à¤šà¥‡ को बचाने के लिठआप नीचे बताठगठबचाव उपाय अपना सकते हैं (10):
बचà¥à¤šà¥‡ में हर दो से तीन घंटे में बाथरूम जाने की आदत डालें। कोशिश करें कि वह दिन में कम से कम चार से सात बार बाथरूम जाà¤à¥¤
कोशिश करें कि बचà¥à¤šà¤¾ रात के समय जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पेय पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन न करे, बलà¥à¤•ि सà¥à¤¬à¤¹ उठने से लेकर शाम 5 बजे तक अचà¥à¤›à¥€ तरह पानी पिà¤à¥¤
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कॉफी, साइटà¥à¤°à¤¸ जूस और सà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ पीने से रोकें। ये शरीर में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ यूरिन का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ कर सकते हैं।
अगर बचà¥à¤šà¤¾ कबà¥à¤œ से पीड़ित है, तो उसका जलà¥à¤¦ इलाज करवाà¤à¤‚।
इन बचाव उपाय के अलावा जीवनशैली में कà¥à¤› परिवरà¥à¤¤à¤¨ लाने से à¤à¥€ बेड वेटिंग की समसà¥à¤¯à¤¾ से आराम मिल सकता है। लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में हम इसी मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ पर बात करेंगे।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में बेडवेटिंग को रोकने के लिठजीवनशैली में बदलाव
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की जीवनशैली में कà¥à¤› परिवरà¥à¤¤à¤¨ ला कर आप उनकी बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने की समसà¥à¤¯à¤¾ का हल कर सकते हैं। ये परिवरà¥à¤¤à¤¨ कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हो सकते हैं (1):
रात को सोने से पहले बचà¥à¤šà¥‡ की बाथरूम जाने की आदत डलवाà¤à¤‚।
उसे रात के खाने से पहले पेय पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में जूस या किसी और डà¥à¤°à¤¿à¤‚क की जगह सूप पीने की आदत डलवाà¤à¤‚।
बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤• बार में पानी का पूरा गिलास पीने की आदत डलवाà¤à¤‚। बार-बार में थोड़ा-थोड़ा पानी पीने से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर दबाव पड़ेगा।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इस बात का टाइम टेबल बनाà¤à¤‚ कि पानी पीने के कितने समय बाद बचà¥à¤šà¥‡ को बाथरूम à¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ है और वैसा ही करें। इस पà¥à¤°à¤•ार को बचà¥à¤šà¥‡ को धीरे-धीरे समठआने लगेगा कि उसका मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ कितने समय में à¤à¤° जाता है और उसे पेशाब करने की जरूरत कब पड़ती है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को डांटने की जगह उनसे बात करें और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ समà¤à¤¾à¤à¤‚ कि यह à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ है जिससे राहत पाई जा सकती है। डांटने से बचà¥à¤šà¤¾ घबरा सकता है और उसे ठीक होने में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय लग सकता है।
उपचार के दौरान, जब-जब बचà¥à¤šà¤¾ रात à¤à¤° बिसà¥à¤¤à¤° गीला न करे, तो उसे शाबाशी दें। इससे उसका आतà¥à¤®à¤¬à¤² बà¥à¥‡à¤—ा और समसà¥à¤¯à¤¾ का उपचार जलà¥à¤¦ हो पाà¤à¤—ा।
जीवनशैली में बदलाव लाने के साथ कà¥à¤› चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ इलाज à¤à¥€ जरूरी हैं। आगे जानिये बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने के इलाज के बारे में।
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